हालात

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कुछ सपने झिंझोरा करते हैं,
हालात ऐसे हैं जो तोड़ा करते हैं,
हकीकत है या सपना समझ नहीं आता,
कौन सा ज्यादा प्यारा है, पता नहीं चल पाता।

 

जिसका साथ जीतना चाहते हैं, उसी से लड़ते हैं,
इतना रोने के बाद भी ना जाने क्यूँ उनपर मरते हैं,
टूटी हूँ मैं या वो टूटा है,
जो इतने साल निभाया, क्या वो रिश्ता झूठा है।

 

 

प्यार दिखाना नहीं आता, सिर्फ महसूस किया जाता है,
इतना प्यार होने के बाद भी दिल खुदको अकेला पाता है,
मुझे उसका दिल दुखाने की इज़ाजत नहीं है,
जितनी कमज़ोर मैं हूँ , उतना ही वो भी कमज़ोर कहीं है।

 

उसकी खुशी अब मेरे लिए ज्यादा ज़रूरी हो गयी है,
उसके दिल में मेरे प्यार की राह कहीं खो गयी है,
तुम्हारा दिल दुखाकर मैं खुदको खुश नहीं रख पाती,
यह हकीकत है , जिससे मै लड़ नहीं पाती।

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